कितना थका, कितना हारा,
किस्मत का मारा, देखो
वो इंसान जा रहा है..
किसी ने बोला शराबी है,
किसी ने बोला छलावा है,
किसी ने बोला भिखारी है,
गाली, लातें देकर,
सबने उसको निकाला है,
किसी ने न जाना,
बेचारा वो प्यार का मारा है,
दो बूँद प्यार की तलाश में
वो सड़कों की धूल खा रहा है..
दर दर की ठोकर खाकर,
गिरता पड़ता, देखो,
वो इंसान जा रहा है...
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